Border 2: कौन थे फ्लाइंग ऑफिसर Nirmal Jit Singh Sekhon , जिनका…
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नई दिल्ली:
Border 2 इन दिनों सिनेमाघरों में धमाकेदार प्रदर्शन कर रही है। सनी देओल, वरुण धवन, Diljit Dosanjh और अहान शेट्टी स्टारर यह फिल्म 1971 के भारत–पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म में दिखाए गए असल ज़िंदगी के नायकों में सबसे खास नाम है भारतीय वायुसेना के जांबाज़ पायलट फ्लाइंग ऑफिसर Nirmal Jit Singh Sekhon, जिनका किरदार Diljit Dosanjh ने निभाया है।
कौन थे फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों?
फ्लाइंग ऑफिसर Nirmal Jit Singh Sekhon भारतीय वायुसेना के एकमात्र अधिकारी हैं जिन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। वे पंजाब के रूरका गांव (लुधियाना) से ताल्लुक रखते थे। 1971 के युद्ध के दौरान उन्होंने कश्मीर के श्रीनगर एयरबेस पर दुश्मन के भीषण हवाई हमले का अकेले सामना किया।

1971 युद्ध में अद्वितीय वीरता
14 दिसंबर 1971 को जब श्रीनगर एयरफील्ड पर पाकिस्तान के F-86 सेबर जेट्स ने अचानक हमला किया, उस समय फ्लाइंग ऑफिसर सेखों ने बिना किसी औपचारिक आदेश के अपने ग्नैट फाइटर विमान से उड़ान भरी।
उन्होंने छह दुश्मन जेट्स से मुकाबला किया, एक को मार गिराया और दूसरे को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान उनका विमान भी हिट हुआ और वे मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।

परमवीर चक्र से सम्मान
फ्लाइंग ऑफिसर Nirmal Jit Singh Sekhon ने असाधारण साहस, उत्कृष्ट फ्लाइंग स्किल और अदम्य संकल्प का परिचय दिया। इसी वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र प्रदान किया गया। वे आज भी भारतीय वायुसेना और देश के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।
सेना से जुड़ा रहा परिवार
Nirmal Jit Singh Sekhon का परिवार भी सेना से गहराई से जुड़ा था। उनके पिता भारतीय वायुसेना में मास्टर वारंट ऑफिसर और मानद फ्लाइट लेफ्टिनेंट रह चुके थे। बचपन से ही सेखों को उड़ान का शौक था। उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से शिक्षा लेकर भारतीय वायुसेना अकादमी में प्रशिक्षण पूरा किया।
Border 2 में दिलजीत दोसांझ का किरदार
फिल्म Border 2 में Diljit Dosanjh ने फ्लाइंग ऑफिसर सेखों के किरदार को गंभीरता और सम्मान के साथ पर्दे पर उतारा है। उनकी परफॉर्मेंस को दर्शकों से सराहना मिल रही है और यह किरदार नई पीढ़ी को भारत के असली नायकों से रूबरू कराता है।
क्यों खास है यह कहानी?
1971 का भारत–पाक युद्ध सिर्फ 13 दिनों में खत्म हुआ था, लेकिन इसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का गठन हुआ और करीब 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया। इस ऐतिहासिक विजय में फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों जैसे नायकों का योगदान अमर है।