Chhorii 2 Review: मां-बेटी के रिश्ते और हॉरर की घुली-मिली दुनिया, नुसरत…

Chhorii 2 Review: मां-बेटी के रिश्ते और हॉरर की घुली-मिली दुनिया, नुसरत और सोहा का दमदार अभिनय

डर के साथ बहती ममता की नदी: ‘Chhorii 2’ में मां-बेटी की अनकही कहानी


12 अप्रैल 2025 , नई दिल्ली

अमेजन प्राइम की तारीफ की जानी चाहिए कि उसने ऐसी कहानियां दर्शकों तक पहुंचाईं जो न सिर्फ सच्चाई के करीब हैं, बल्कि डर और भावनाओं का गहरा असर भी छोड़ती हैं। ‘Chhorii’ के सफल प्रीक्वल के बाद निर्देशक विशाल फुरिया एक बार फिर हॉरर की दुनिया में वापसी करते हैं ‘Chhorii 2’ के जरिए। इस बार उनके साथ हैं नुसरत भरुचा, जिन्होंने एक बार फिर साबित किया कि वे चुनौतीपूर्ण किरदारों के लिए पूरी तरह सक्षम हैं, और सोहा अली खान, जिन्होंने सीक्वल में एक नई ऊर्जा और डर का नया आयाम जोड़ा है।

कहानी: एक मां की ममता बनाम शैतानी ताकतें

फिल्म की कहानी साक्षी (नुसरत भरुचा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी नन्ही बेटी के साथ एक शापित जगह में शरण लेती है। उसने अतीत में अपने क्रूर पति और पापी को सबक सिखाया है, लेकिन अब भी उसकी बेटी की जान खतरे में है। सात साल गुजर जाते हैं, फिर भी बच्ची सूरज की रोशनी में एक पल भी नहीं ठहर पाती।

इस बार कहानी में नया मोड़ तब आता है जब एक धूर्त अपहरणकर्ता उसकी बच्ची को निशाना बनाता है। कौन है ये ताकत? क्यों बच्ची को बनाया जा रहा है निशाना? इन सवालों का जवाब फिल्म के इमोशनल और हॉरर ड्रामा में धीरे-धीरे सामने आता है।

निर्देशन: फॉर्मूला ब्रेक कर पेश की नई कहानी

विशाल फुरिया की तारीफ इसलिए भी की जानी चाहिए कि उन्होंने हॉरर के पारंपरिक तरीकों को तोड़ा और एक भावनात्मक गहराई वाली डरावनी कहानी पेश की। ऐसा लगता है उन्होंने कहीं न कहीं ‘मुंज्या’ से प्रेरणा ली है, जहां खलनायिका (सोहा अली खान) अपनी शक्ति का प्रदर्शन बिना ज्यादा हरकत के करती है। वह एक जगह बैठकर भी मानसिक रूप से अपने शिकार को फांस सकती है।

विशाल ने यह भी सुनिश्चित किया कि फिल्म की असली हीरो साक्षी ही बनी रहे। फिल्म का क्लाइमेक्स, जिसमें दिवंगत आत्माएं साक्षी के साथ मिलकर राक्षसी ताकतों से लड़ती हैं, बेहद प्रभावशाली है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए दर्शकों को थोड़ा धैर्य रखना होगा।

Chhorii 2 Review: मां-बेटी के रिश्ते और हॉरर की घुली-मिली दुनिया, नुसरत और सोहा का दमदार अभिनय

कमियां: बैकग्राउंड स्कोर और बिल्ड-अप

फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक उस तरह का प्रभाव नहीं छोड़ पाता, जैसा एक हॉरर फिल्म में होना चाहिए। ग्रामीण पृष्ठभूमि पर आधारित कहानी में लोकसंगीत को जगह मिलती तो शायद ज्यादा गहराई आती। एक-दो दृश्य ऐसे भी हैं जो ‘हैरी पॉटर’ जैसी फीलिंग देते हैं, जैसे चेहरे के जरिए आत्मा निकालने का सीन – जो थोड़ा असंबद्ध लगता है।

इसके अलावा, कई बार हॉरर बिल्ड-अप के बाद फिल्म उस डरावने मोड़ को ठीक से अंजाम नहीं दे पाती।

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अभिनय: नुसरत और सोहा की अदाकारी

नुसरत भरुचा ने एक मां के किरदार को संवेदनशीलता और मजबूती के साथ निभाया है। क्लाइमेक्स में उनकी भावनात्मक प्रस्तुति दिल को छू जाती है।

हार्दिका शर्मा, जिन्होंने सात साल की बेटी का रोल निभाया है, ने भी कमाल का अभिनय किया है। मासूमियत और डर के बीच उनका संतुलन प्रशंसनीय है।

सोहा अली खान इस फिल्म की सरप्राइज़ पैकेज हैं। उन्होंने ‘दासी मां’ के किरदार को बेहद सशक्त और डरावना बनाया है, और अपने करियर के एक नई दिशा में कदम रखा है।

गश्मीर महाजनी भी अपनी भूमिका में प्रभाव छोड़ते हैं।

फिल्म का कुल मूल्यांकन

‘Chhorii 2’ का आगमन एक सही समय पर हुआ है, जब दर्शक हॉरर जॉनर को बड़े चाव से देख रहे हैं। चार साल पहले आई पहली फिल्म के मुकाबले इस बार की कहानी और ज्यादा गहराई लिए हुए है, हालांकि इसकी कुछ कमजोरियों को नजरअंदाज करना होगा – जैसे धीमी गति और कुछ अधूरी डरावनी सिचुएशन्स।

लेकिन अगर आप एक भावनात्मक और डरावनी जर्नी के लिए तैयार हैं, तो ‘Chhorii 2’ आपका इंतजार कर रही है।

⭐ रेटिंग: 3/5 स्टार
देखें अगर: आप हॉरर फिल्मों में भावनात्मक गहराई और मजबूत महिला किरदारों को देखना पसंद करते हैं।
छोड़ें अगर: आपको स्लो-बिल्ड हॉरर पसंद नहीं है या आप पारंपरिक हॉरर के ज्यादा शौकीन हैं।

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