Mardaani 3 Review: सच्चाई, तेज रफ्तार और Rani Mukerji का पावर पैक…
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Mardaani 3 Review: सच्चाई, क्राइम और सिस्टम की लड़ाई में Rani Mukerji का करियर-बेस्ट अवतार, दमदार स्क्रिप्ट के साथ।
बॉक्स ऑफिस पर Mardaani फ्रेंचाइज़ी की पिछली दोनों फिल्में हिट रहीं और क्रिटिक्स की सराहना ने इस सीरीज को एक मजबूत पहचान दी। इन्हीं वजहों से यशराज बैनर और Rani Mukerji एक बार फिर Mardaani 3 लेकर आई हैं। यह फिल्म सिर्फ एक सीक्वल नहीं, बल्कि पहले से ज्यादा गंभीर, ज्यादा असरदार और ज्यादा जरूरी कहानी के साथ सामने आती है।
दिल्ली दौरे के दौरान Rani Mukerji ने खुद कहा था कि उन्हें ऐसे सामाजिक मुद्दों पर आधारित प्रोजेक्ट्स पर काम करना खास तौर पर पसंद है। शायद यही वजह है कि लंबे वक्त बाद उन्होंने अपनी टीम के साथ इस फ्रेंचाइज़ी को आगे बढ़ाने का फैसला लिया।
आज के दौर में जब तीन से साढ़े तीन घंटे की फिल्में रिकॉर्ड बिज़नेस कर रही हैं, ऐसे समय में करीब दो घंटे की टाइट और तेज़ रफ्तार फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आ रही है। मजबूत स्क्रिप्ट और स्टार्ट-टू-एंड बांधे रखने वाली कहानी इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
संवेदनशील सब्जेक्ट, मजबूत ट्रीटमेंट
Mardaani 3 पिछली दोनों फिल्मों से अलग और ज्यादा व्यापक नजर आती है। यह फिल्म छोटी बच्चियों पर हो रहे अपराध, उनकी सुरक्षा और पुलिस की एक साफ-सुथरी, बेदाग छवि को सामने रखती है। जहां आमतौर पर हिंदी फिल्मों में पुलिस को विलेन के तौर पर दिखाया जाता है, वहीं यह फिल्म सिस्टम के भीतर मौजूद ईमानदार जज्बे को दिखाती है।
डायरेक्टर अभिराज मीनावाला ने शुरुआत से ही फिल्म का माहौल गंभीर रखा है, जो ऐसे संवेदनशील विषय के लिए बेहद जरूरी था।
स्टोरी प्लॉट: एक केस, कई खुलासे

फिल्म की कहानी एनआईए अधिकारी शिवानी शिवाजी रॉय (Rani Mukerji) के इर्द-गिर्द घूमती है। शिवानी को एक हाई-प्रोफाइल किडनैपिंग केस सौंपा जाता है, जिसमें एक वरिष्ठ अधिकारी की बेटी और घर में काम करने वाली नौकरानी की बेटी अचानक गायब हो जाती हैं।
जांच आगे बढ़ती है तो पता चलता है कि यह सिर्फ एक मामला नहीं है। अलग-अलग इलाकों से 8 से 13 साल की 90 से ज्यादा बच्चियां लापता हो चुकी हैं। शिवानी को शक होता है कि इसके पीछे एक संगठित मानव तस्करी गिरोह काम कर रहा है।
एक के बाद एक खुलासे कहानी को ऐसे मोड़ पर ले जाते हैं, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की होती। इंटरवल के बाद फिल्म की रफ्तार इतनी तेज हो जाती है कि अगर एक पल के लिए भी नजर स्क्रीन से हटी, तो बहुत कुछ मिस हो सकता है।
एक्टिंग: Rani Mukerji का करियर-बेस्ट अवतार
यह फिल्म पूरी तरह Rani Mukerji के कंधों पर टिकी है और वह हर सीन में खरी उतरती हैं। इस बार उनका किरदार पहले से ज्यादा गहराई और विस्तार लिए हुए है। यही वजह है कि शूटिंग से पहले Rani Mukerji ने करीब 20 दिन की वर्कशॉप भी अटेंड की।
चाहे जांच का तनाव हो, अंदरूनी गुस्सा हो या एक महिला पुलिस अधिकारी की थकान—Rani Mukerji हर भाव को बेहतरीन ढंग से पर्दे पर उतारती हैं। खासकर गुस्से वाले दृश्यों में उनकी आंखें ही बहुत कुछ कह जाती हैं। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है।
विलेन अम्मा: मल्लिका प्रसाद का प्रभावशाली रोल
फिल्म में मल्लिका प्रसाद ने विलेन अम्मा के किरदार को पूरी शिद्दत से निभाया है। उनका किरदार डरावना भी है और चौंकाने वाला भी। Rani Mukerji और मल्लिका के बीच के सीन फिल्म को और ज्यादा ताकतवर बनाते हैं।
सपोर्टिंग कास्ट का मजबूत साथ
शैतान और वश जैसी फिल्मों के बाद जानकी बोड़ीवाला इस फिल्म में अहम रोल में नजर आती हैं। वह शिवानी की टीम का हिस्सा हैं और अपने हर सीन में पूरी तरह फिट बैठती हैं। बाकी कलाकारों ने भी अपने-अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है।
डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष
निर्देशक अभिराज मीनावाला की फिल्म पर मजबूत पकड़ साफ नजर आती है। उन्होंने कहानी को भटकने नहीं दिया और उसकी रफ्तार को कंट्रोल में रखा। इंटरवल से पहले फिल्म थोड़ी धीमी जरूर लगती है, लेकिन क्लाइमेक्स चौंकाने वाला है और असर छोड़ता है।
ओवरऑल फैसला
Mardaani 3 सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक जरूरी सवाल है। यह दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है और अंत तक बांधे रखती है।
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क्यों देखें Mardaani 3
- अगर आप Rani Mukerji के फैन हैं
- अगर आपको सच्चाई से सामना कराती फिल्में पसंद हैं
- अगर आप मजबूत कहानी और दमदार एक्टिंग देखना चाहते हैं
तो Mardaani 3 को मिस करना बिल्कुल नहीं चाहिए।
कलाकार: Rani Mukerji, जानकी बोड़ीवाला, मल्लिका प्रसाद
निर्माता: आदित्य चोपड़ा
निर्देशक: अभिराज मीनावाला
सेंसर: यू/ए
अवधि: 126 मिनट
रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐ (4 स्टार)