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‘Parasakthi’ मूवी रिव्यू: Sivakarthikeyan की अब तक की सबसे परिपक्व और असरदार फिल्म, जो सोच को झकझोर देती है

By Suditi Raje | January 10, 2026 at 12:55 PM

‘Parasakthi’ मूवी रिव्यू: Sivakarthikeyan की अब तक की सबसे परिपक्व और असरदार फिल्म, जो सोच को झकझोर देती है

10 जनवरी 2026, नई दिल्ली

सुधा कोंगरा के निर्देशन में बनी ‘Parasakthi’ 1960 के दशक के छात्र आंदोलन, भाषा की पहचान और विचारधारा की लड़ाई को दमदार अभिनय और सशक्त कहानी के साथ पेश करती है।

सुधा कोंगरा के निर्देशन में बनी ‘Parasakthi’ सिर्फ एक पीरियड ड्रामा नहीं है, बल्कि यह भाषा, पहचान और युवा चेतना की आग से जन्मी एक सशक्त सिनेमाई अभिव्यक्ति है। 1960 के दशक की पृष्ठभूमि में रची गई यह फिल्म Sivakarthikeyan के करियर की अब तक की सबसे गंभीर, संवेदनशील और प्रभावशाली फिल्मों में शुमार की जा सकती है।

कहानी: विचारधारा की लड़ाई

फिल्म की कहानी उस दौर के छात्र आंदोलनों पर आधारित है, जब भाषा और सांस्कृतिक पहचान को लेकर युवा सड़कों पर उतर आए थे। ‘Parasakthi’ हिंदी थोपे जाने के खिलाफ तमिल छात्र समुदाय के संघर्ष को भावनात्मक गहराई के साथ, लेकिन बिना अतिनाटकीयता के दिखाती है।
कहानी न तो उपदेशात्मक बनती है और न ही अनावश्यक भाषणों में उलझती है—यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

Sivakarthikeyan का बदला हुआ रूप

इस फिल्म में Sivakarthikeyan पूरी तरह नए अवतार में नजर आते हैं। कॉमेडी और मास एंटरटेनर छवि से बाहर निकलकर उन्होंने एक गंभीर, सोचने पर मजबूर करने वाला और क्रांतिकारी किरदार निभाया है।
उनकी आंखों में आक्रोश, आवाज़ में पीड़ा और बॉडी लैंग्वेज में सच्चाई साफ झलकती है। यह भूमिका उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।

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निर्देशन और तकनीकी पक्ष

निर्देशक सुधा कोंगरा एक बार फिर साबित करती हैं कि सामाजिक मुद्दों को सिनेमा में कितनी संवेदनशीलता और प्रभाव के साथ दिखाया जा सकता है।

  • सिनेमैटोग्राफी 1960 के दशक के माहौल को जीवंत बना देती है
  • बैकग्राउंड स्कोर भावनाओं को और गहराई देता है
  • एडिटिंग चुस्त है, जिससे फिल्म कहीं भी बोझिल नहीं लगती

सेंसर विवाद के बावजूद मजबूती

फिल्म को CBFC से आखिरी वक्त पर कुछ बदलावों का सामना करना पड़ा। खुद Sivakarthikeyan ने माना कि टीम को यह सोचने का समय ही नहीं मिला कि ये बदलाव फायदे में रहे या नुकसान में।
हालांकि, पर्दे पर इसका असर न के बराबर दिखाई देता है। फिल्म अपनी बात पूरी मजबूती और ईमानदारी के साथ रखती है।

रिलीज़ और बॉक्स ऑफिस पर बढ़त

‘Jana Nayagan’ के पोस्टपोन होने से ‘Parasakthi’ को रिलीज़ के समय बड़ा फायदा मिला है।

  • चेन्नई में 600 से ज्यादा शोज़
  • सुबह 9 बजे से शो शुरू
  • Pongal 2026 की सबसे चर्चित रिलीज़

फिल्म की ओपनिंग कमाई Amaran (₹21.4 करोड़) को कड़ी टक्कर दे सकती है।

अंतिम फैसला

‘Parasakthi’ एक जरूरी फिल्म है, खासतौर पर युवाओं और Gen Z के लिए। यह फिल्म याद दिलाती है कि भाषा सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि पहचान, सम्मान और आत्मसम्मान से जुड़ा सवाल होती है।
अगर आप सोचने पर मजबूर करने वाला सिनेमा पसंद करते हैं, तो ‘Parasakthi’ जरूर देखनी चाहिए।

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