Bhoot Bangla Review: हंसी और डर का मिला-जुला लेकिन अधूरा अनुभव
Bhoot Bangla Review: अक्षय कुमार एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी करते हैं Bhoot Bangla के साथ। यह फिल्म हॉरर-कॉमेडी है, लेकिन इसे हल्के-फुल्के एंटरटेनमेंट के तौर पर बनाया गया है।
फिल्म 16 अप्रैल से पेड प्रीव्यू में आई और 17 अप्रैल को रिलीज हुई। शुरुआत में दर्शकों की दिलचस्पी अच्छी रही। लेकिन सवाल यह है कि क्या फिल्म उम्मीदों पर खरी उतरती है?
कहानी: भूतिया हवेली में कॉमेडी का खेल
फिल्म की कहानी एक पुरानी हवेली के इर्द-गिर्द घूमती है। यहां भूत भी हैं और अजीब घटनाएं भी।
कहानी में डर और कॉमेडी को साथ लाने की कोशिश की गई है। लेकिन कहानी में कुछ नया नहीं लगता। कई सीन पहले देखे हुए जैसे लगते हैं।
पहला हाफ थोड़ा एंटरटेन करता है। लेकिन बाद में कहानी बिखरी हुई लगने लगती है।
एक्टिंग: अक्षय कुमार का पुराना अंदाज
अक्षय कुमार अपनी कॉमिक टाइमिंग से फिल्म को संभालने की कोशिश करते हैं। उनका अंदाज वही पुराना और जाना-पहचाना है।
कई जगह वह हंसाते हैं। लेकिन किरदार में नया कुछ नहीं दिखता।
वामिका गब्बी का रोल कमजोर है। उन्हें ज्यादा स्क्रीन टाइम नहीं मिला। उनका किरदार कहानी में खास योगदान नहीं देता।
तब्बू, परेश रावल और राजपाल यादव जैसे कलाकार फिल्म में जान डालते हैं। लेकिन स्क्रिप्ट उन्हें पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाती।
कॉमेडी: जोरदार लेकिन नेचुरल नहीं
फिल्म में कॉमेडी है, लेकिन वह कई जगह जबरदस्ती लगती है।
ह्यूमर नैचुरल नहीं है। कई सीन ओवर द टॉप हैं। पुराने पैटर्न बार-बार दोहराए गए हैं।
कुछ जगह हंसी आती है। लेकिन पूरी फिल्म में कंसिस्टेंसी नहीं है।
राइटिंग और निर्देशन की कमजोरी
फिल्म की सबसे बड़ी कमी इसकी स्क्रिप्ट है।
कहानी कई हिस्सों में टूटती हुई लगती है। घटनाएं बिना लॉजिक के आगे बढ़ती हैं।
हवेली में क्या हो रहा है, क्यों हो रहा है—यह साफ नहीं होता।
डायरेक्शन में भी वही पुराना स्टाइल दिखता है। नया एक्सपेरिमेंट कम नजर आता है।
पुरानी फिल्मों से तुलना
अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी पहले भी हिट दे चुकी है। Bhool Bhulaiyaa इसका बड़ा उदाहरण है।
उस फिल्म में संतुलन था। कॉमेडी, सस्पेंस और म्यूजिक सब मजबूत थे।
Bhoot Bangla में यह संतुलन नहीं दिखता। फिल्म में याद रहने वाला कोई खास मोमेंट नहीं बनता।
क्या फिल्म टिक पाएगी?
फिल्म की ओपनिंग ठीक-ठाक रही है। लेकिन कंटेंट के आधार पर लंबी रेस में टिकना मुश्किल लग सकता है।
अगर दर्शकों को नया और फ्रेश कंटेंट चाहिए, तो यह फिल्म उन्हें पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाएगी।
फाइनल वर्डिक्ट
Bhoot Bangla एक हल्की-फुल्की एंटरटेनर है। इसे बिना ज्यादा उम्मीद के देखा जा सकता है।
यह फिल्म कुछ जगह हंसाती है। लेकिन एक मजबूत कहानी या यादगार अनुभव देने में पीछे रह जाती है।
अगर आप सिर्फ टाइमपास के लिए फिल्म देखना चाहते हैं, तो यह ठीक है।
लेकिन अगर आप कुछ नया और अलग ढूंढ रहे हैं, तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है।
रेटिंग: 2.5/5
एक ऐसी फिल्म जो हंसाने की कोशिश करती है, लेकिन याद कम रह जाती है।
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