Deepak Chaudhary पर कसा कानून का शिंकजा, दुबई कोर्ट ने देश से बाहर जाने पर लगाई रोक
ईवीए लाइव और ईवेंटएफएक्यूएस मीडिया के फाउंडर पर लगा है फंड की हेराफेरी का आरोप, यूएई में दर्ज हुए कई सिविल केस
मुंबई, 3rd July 2026: लाइव एंटरटेनमेंट और इवेंट इंडस्ट्री में रसूख रखने वाले ईवीए लाइव और ईवेंटएफएक्यूएस मीडिया के प्रमोटर दीपक चौधरी पर कानून का शिकंजा कस चुका है। दीपक चौधरी दुबई में बड़े कानूनी विवाद में घिर गए हैं। दुबई की अदालत ने वित्तीय अनियमितताओं और कर्ज के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए चौधरी के यूएई छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। कोर्ट के आदेश पर उनकी करीब 2,993,058 दिरहम (लगभग 7.70 करोड़ भारतीय रुपये) की संपत्ति भी फ्रीज कर दी गई है।
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, दुबई कोर्ट्स ने बीते 11 जून को दीपक चौधरी के खिलाफ ट्रैवल बैन जारी किया था। इसके तुरंत बाद दुबई एग्जीक्यूशन कोर्ट ने एक और सख्त आदेश जारी कर उनके सभी बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड, संपत्तियां और कमर्शियल रिसीवेबल्स फ्रीज करने के निर्देश दिए, ताकि बकाया कर्ज की वसूली की जा सके।
जानकारी के अनुसार 11 जून को दीपक चौधरी दुबई एयरपोर्ट से मुंबई के लिए फ्लाइट पकड़ने वाले थे। लेकिन उनके रवाना होने से ठीक पहले एयरपोर्ट कर्मचारियों को कोर्ट के आदेश के बारे में पता चला। जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने दीपक चौधरी को यूएई में ही रोक लिया।
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सनद रहे कि दीपक चौधरी ‘इवा लाइव’ और ‘इवेंटफैक्स मीडिया’ जैसी कंपनियों के संस्थापक-एमडी है। उनपर यूएई में कई सिविल और एग्जीक्यूशन मामले दर्ज किए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि चौधरी और उनकी जुड़ी कंपनियों ने जिन इवेंट्स को प्रमोट किया, उनमें फंडिंग और सपोर्ट करने वाले सहयोगियों को रकम नहीं चुकाई गई। कुछ कमर्शियल पार्टनर्स ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि चौधरी ने तय व्यावसायिक समझौतों का उल्लंघन किया और फंड का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया।
कलाकारों, सेलिब्रिटी मैनेजरों और मास्टरकार्ड जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय स्पॉन्सरों के साथ अपने निजी संबंधों के दम पर बिजनेस खड़ा करने वाले दीपक चौधरी की साख इस कार्रवाई के बाद दांव पर लग गई है। दुबई में हुए इस बड़े कानूनी खुलासे के बाद भारतीय और अंतरराष्ट्रीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में हड़कंप है। चौधरी की कंपनियों के साथ जुड़े कई बड़े कलाकारों और कमर्शियल पार्टनर्स ने अब उनसे दूरी बनाना शुरू कर दिया है और अपने कानूनी एग्रीमेंट्स की समीक्षा कर रहे हैं। जब तक स्थिति साफ नहीं होती, तब तक कई पार्टनर्स ने खुद को इनके अपकमिंग प्रोजेक्ट्स से पूरी तरह अलग करने का मन बना लिया है।


