नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई Delhi Crime सीजन 3 सधी हुई राइटिंग, उम्दा अभिनय और रियलिस्टिक नैरेशन के साथ इस साल की सबसे प्रभावशाली क्राइम सीरीज़ में से एक बनकर उभरती है।
⭐ रेटिंग: 3.5/5 स्टार्स
13 नवंबर 2025, नई दिल्ली
नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई Delhi Crime सीजन 3 दर्शकों को एक बार फिर दिल्ली की गलियों में ले जाती है, जहां हर मोड़ पर इंसानियत, इमोशन और इन्वेस्टिगेशन का संगम देखने को मिलता है। राजेश तैलंग का किरदार पहले ही एपिसोड में शेफाली शाह से कहता है—“Ask for forgiveness, not permission”। यही डायलॉग इस सीरीज का मूड सेट कर देता है। बिना शोर-शराबे और बड़े संवादों के यह कहानी बताती है कि सच्चे हीरो अपनी पहचान काम से बनाते हैं, न कि शोबाजी से।
कहानी
Delhi Crime सीजन 3 की कहानी भी एक सच्चे केस पर आधारित है। बिना स्पॉयलर दिए कहा जा सकता है कि यह मुद्दा बच्चियों की तस्करी और असम से दिल्ली तक फैले एक खतरनाक नेटवर्क से जुड़ा है। दिल्ली में एक दो साल की बच्ची को बुरी हालत में पाया जाता है और यहीं से शुरू होती है इस सीरीज की दिल दहला देने वाली इन्वेस्टिगेशन। छह एपिसोड्स की यह सीरीज हर 40–45 मिनट में आपको एक नए ट्विस्ट से रूबरू कराती है।
कैसी है सीरीज
Delhi Crime 3 उन क्राइम थ्रिलर्स में से है जो सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि उसके पीछे की सच्चाई और सिस्टम की चुनौतियों को भी दिखाती है। यह सीरीज ना तो बेवजह ड्रामा दिखाती है, ना ही एक्शन का ओवरडोज़। हर सीन असलियत के करीब है। केस की इन्वेस्टिगेशन कई राज्यों तक जाती है, लेकिन कहानी अपनी पकड़ कभी नहीं छोड़ती। राइटिंग इतनी मजबूत है कि दर्शक हर एपिसोड में कुछ नया देखने की उम्मीद बनाए रखते हैं।
यह भी पढ़े: ‘DhuranDhar’ ट्रेलर और ‘तेरे इश्क में’ समेत कई इवेंट रद्द, दिल्ली धमाके…
अभिनय
शेफाली शाह एक बार फिर अपनी गंभीर और संवेदनशील एक्टिंग से दिल जीत लेती हैं। एक सख्त लेकिन संवेदनशील अफसर के रूप में उन्होंने किरदार को बखूबी जिया है। रसिका दुग्गल का किरदार निजी संघर्षों से जूझते हुए भी ड्यूटी को प्राथमिकता देता है, जो दिल को छू जाता है।
हुमा कुरैशी का नया अवतार वाकई सरप्राइज करता है — हरियाणवी लहजे में उन्होंने जबरदस्त कमांड दिखाई है। राजेश तैलंग अपने मंझे हुए अंदाज़ में एक बार फिर कहानी की रीढ़ बनकर उभरते हैं, जबकि मीता वशिष्ठ का प्रदर्शन हर फ्रेम में दमदार है।
राइटिंग और डायरेक्शन
तनुज चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस सीरीज की राइटिंग टीम — मयंक तिवारी, अनु सिंह चौधरी, शुब्रा स्वरुप, अपूर्वा बख्शी और माइकल होगान — ने इसे बेहद बारीकी से गढ़ा है। न तो कहानी को खींचा गया है, न ही उसे भारी-भरकम बनाया गया है। निर्देशन इतना सटीक है कि हर सीन में यथार्थ झलकता है। यही सादगी इस सीरीज को बाकियों से अलग बनाती है।
Delhi Crime सीजन 3 एक ऐसी सीरीज है जिसे जरूर देखा जाना चाहिए। यह न सिर्फ आपको झकझोरती है बल्कि सोचने पर मजबूर भी करती है कि सच्चा न्याय कितना जटिल होता है।
यह भी पढ़े: Box Office Collection: ‘हक’ ने दिखाया दम, ‘जटाधरा’ रही पीछे; जानें बाकी फिल्मों का बॉक्स ऑफिस हाल
