Dhurandhar Review: कराची की अंडरवर्ल्ड साज़िशों के बीच चमका रणवीर का जबरदस्त…

Dhurandhar Review: कराची की अंडरवर्ल्ड साज़िशों के बीच चमका रणवीर का जबरदस्त स्पाई अवतार

कराची के गैंग वॉर, आतंकवाद की जड़ों और इंडियन इंटेलिजेंस मिशन पर आधारित ‘Dhurandhar’ में रणवीर सिंह ने दमदार एक्टिंग से कहानी को नई ऊंचाई दी है।

05 दिसंबर 2025, नई दिल्ली

रणवीर सिंह की बहुचर्चित फिल्म ‘Dhurandhar’ आखिरकार सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है और रिलीज़ के साथ ही इसने दर्शकों में जोरदार हलचल मचा दी है। फिल्म की कहानी, प्रस्तुति और परफॉर्मेंस—सब कुछ मिलकर इस फिल्म को एक मजबूत स्पाई-ड्रामा बनाते हैं। पहला हाफ कहानी को धीरे-धीरे पुख्ता करता है, जबकि दूसरा हाफ फिल्म को असली रफ्तार देता है।

ट्रेलर रिलीज़ होने के बाद से ही यह साफ था कि निर्देशक आदित्य धर, जो ‘उरी’ जैसी ब्लॉकबस्टर दे चुके हैं, इस बार और भी गहरी, खतरनाक और दिलचस्प दुनिया रचने वाले हैं। अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल और संजय दत्त जैसे मजबूत कलाकारों के साथ रणवीर सिंह का लीड रोल पहले ही देखना जरूरी बना देता था।

पहला हाफ: कहानी की मज़बूत नींव और कराची की काली दुनिया

फिल्म की शुरुआत भारत के खिलाफ हो रही आतंकी साज़िशों से होती है। प्लेन हाईजैक और संसद हमले जैसी घटनाओं के बाद भारतीय एजेंसी IB के प्रमुख अजय सान्याल एक बड़ा और जोखिम भरा ऑपरेशन प्लान करते हैं—नाम है ऑपरेशन धुरंधर।

इस मिशन का केंद्र है—हमज़ा अली मज़ारी, यानी रणवीर सिंह।

पहले हाफ में हमज़ा पाकिस्तान के कराची शहर के कुख्यात ल्यारी टाउन में दाखिल होता है। यहां रहमान डकैत (अक्षय खन्ना) का खौफ, गैंग वॉर की हिंसा और पाकिस्तानी पॉलिटिक्स की गंदगी बेहद रियल तरीके से दिखाई गई है।

हमज़ा धीरे-धीरे इस गैंगस्टर वर्ल्ड में अपनी जगह बनाता है, वहीं दूसरी ओर उसकी मुलाकात मेजर इकबाल (अर्जुन रामपाल) और SP चौधरी असलम (संजय दत्त) जैसे खतरनाक किरदारों से होती है।

रणवीर कम संवादों में, आंखों के जरिए भावनाएं दिखाने में माहिर हैं—और यहां वही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आता है।

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दूसरा हाफ: हाई-वोल्टेज एक्शन और तीखा नरेटिव

सेकंड हाफ में असली धमाका होता है। अब तक शांत, संयमित और गुप्त रूप से जानकारी भेजता हमज़ा खुलकर एक्शन मोड में आता है।

एक ज़बरदस्त सीक्वेंस में दिखाया जाता है कि हमज़ा एक युवा लड़के को हथियार थमाता है—ये लड़का आगे चलकर अजमल कसाब बनता है। यह सीन पूरी फिल्म को एक नए इमोशनल और थ्रिलिंग लेवल पर पहुंचा देता है।

26/11 के बाद हमज़ा का मिशन और भी खतरनाक हो जाता है। रहमान डकैत को खत्म करने का फैसला कराची के पावर बैलेंस को हिलाकर रख देता है। इससे हमज़ा को आतंकियों की साजिशों पर और ज्यादा पकड़ बनाने का मौका मिलता है।

एक्शन सीन्स बेहद रॉ, दमदार और क्लोज-टू-रियलिटी रखे गए हैं।
क्लाइमेक्स में हमज़ा की असल पहचान सामने आती है—एक ऐसा मोमेंट जो दर्शकों को सीट से उठने नहीं देता।

फिल्म क्यों देखें?

  • रणवीर सिंह की कैरियर-डिफाइनिंग परफॉर्मेंस
  • अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल और संजय दत्त की शक्तिशाली स्क्रीन प्रेज़ेंस
  • कराची के अंडरवर्ल्ड की डार्क और रियलिस्टिक प्रस्तुति
  • भावनाओं, एक्शन और राजनीति का संतुलित मिश्रण
  • म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर जो लंबी फिल्म को भी स्लो नहीं होने देता

हालांकि हिंसा, गालियां और खून-खच्चर भरपूर है—इसलिए यह फिल्म निश्चित रूप से बच्चों के लिए नहीं है। ‘A’ सर्टिफिकेट वाली यह फिल्म बड़ों के लिए ही बनाई गई है।

‘Dhurandhar’ एक मजबूत, पैनी और शानदार स्पाई-थ्रिलर है, जिसे थिएटर में देखना ही असली अनुभव देता है। फिल्म लंबी जरूर है, लेकिन कहानी इतनी पकड़ में रखती है कि बोर होने का मौका नहीं मिलता।

अगर आप थ्रिलर, एक्शन और दमदार परफॉर्मेंस पसंद करते हैं—तो ‘Dhurandhar’ का टिकट अब करवा ही लीजिए। मज़ा आएगा।

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